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बैंक कर्मचारियों की 3 दिन की हड़ताल: सरकारी कर्मचारियों को वेतन 25 सितंबर को; पांच दिन काम समेत इन मांगों पर सरकार ने जताई चिंता

Authored By HDFC SKY | Published at: Sep 24, 2026 12:52 PM IST

बैंक कर्मचारियों की 3 दिन की हड़ताल: सरकारी कर्मचारियों को वेतन 25 सितंबर को; पांच दिन काम समेत इन मांगों पर सरकार ने जताई चिंता

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मुंबई: देशभर के बैंक कर्मचारी आगामी 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। बैंक कर्मचारी और अधिकारी अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर यह आंदोलन करने जा रहे हैं। इस हड़ताल की सबसे बड़ी वजह बैंकों में सप्ताह में केवल पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू करने की मांग है।

बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों एवं विभागों को निर्धारित समय से पहले 25 सितंबर को ही वेतन का भुगतान करने को कहा है। इस हड़ताल की वजह से सरकारी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए वित्त मंत्रालय के तहत लेखा महानियंत्रक ने 25 सितंबर को ही वेतन जारी करने का एक कार्यालय ज्ञापन जारी किया।

दरअसल कर्मचारी संगठनों की मांग है कि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए और बैंक सोमवार से शुक्रवार तक ही काम करें। इसके अलावा पेंशन, कर्मचारियों की भर्ती और प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाले प्रोत्साहन से जुड़े मुद्दे भी उनकी मांगों में शामिल हैं।

जानें हड़ताल का मुख्य मकसद

इस प्रस्तावित हड़ताल का सबसे बड़ा मुद्दा सभी शनिवार को बैंक कर्मचारियों के लिए छुट्टी घोषित करना है। फिलहाल, महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंक शाखाओं में कामकाज होता है।
इस बाबत कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि इस व्यवस्था को बदलकर हर शनिवार को छुट्टी दी जाए। उनका कहना है कि इससे बैंक कर्मचारियों के लिए सप्ताह में पांच दिन काम और दो दिन साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था लागू हो जाएगी।पांच दिन काम करने की यह मांग बैंक कर्मचारियों और भारतीय बैंक संघ के बीच हुए वेतन समझौते से जुड़े मुद्दों में भी शामिल रही है। यूनियनों का कहना है कि इस मांग पर लंबे समय से चर्चा चल रही है, लेकिन अभी तक अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

हड़ताल पर क्या बोली सरकार?

इस तीन दिन की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर केंद्र सरकार ने बैंक कर्मचारी संगठनों से आंदोलन वापस लेने की अपील की है। सरकार का कहना है कि लगातार तीन दिन बैंक शाखाओं का काम प्रभावित होने से आम लोगों को परेशानी हो सकती है।सरकार ने कर्मचारी संगठनों से कहा है कि उनकी लंबित मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। सरकार के अनुसार, बैंकिंग सेवाओं में रुकावट से आम लोगों के जरूरी वित्तीय काम प्रभावित हो सकते हैं और बैंक के सामान्य कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।

सिर्फ पांच दिन ही होगा काम की?

दरअसल, बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन काम करने की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। मौजूदा नियमों के तहत महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। इसके अलावा पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंक खुले रहते हैं। नई व्यवस्था की मांग के तहत कर्मचारी चाहते हैं कि सभी शनिवार को अवकाश घोषित किया जाए। इससे सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कामकाज होगा और शनिवार-रविवार को कर्मचारियों को साप्ताहिक छुट्टी मिलेगी।

दूसरी अन्य मांगें भी शामिल

हालांकि, बैंक कर्मचारियों की मांग सिर्फ शनिवार की छुट्टी तक सीमित नहीं है। कर्मचारी संगठन प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाले प्रोत्साहन की व्यवस्था में बदलाव की भी मांग कर रहे हैं।इसके साथ ही पेंशन को अद्यतन करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े मामलों का समाधान करने और बैंकों में पर्याप्त संख्या में नए कर्मचारियों की भर्ती की मांग भी उठाई गई है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले बैंक कर्मचारी और अधिकारी इन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मामलों पर समयबद्ध तरीके से बातचीत होनी चाहिए।

प्रोत्साहन योजना पर क्या है सरकार का फैसला

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कहा है कि बैंक कर्मचारी संगठनों के साथ चर्चा के बाद प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना को फिलहाल स्थगित रखने का फैसला लिया गया है। सरकार ने इस कदम को कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के दौरान लिया गया फैसला बताया है। मंत्रालय का कहना है कि एक प्रमुख मांग पर कदम उठाए जाने के बाद बाकी मुद्दों का समाधान भी बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है।इसी वजह से सरकार ने कर्मचारी संगठनों से हड़ताल का रास्ता छोड़कर चर्चा के माध्यम से आगे बढ़ने की अपील की है।

कर्मचारियों के लिए कई कदमों का दावा

वहीं वित्त मंत्रालय ने बैंक कर्मचारियों के हित में उठाए गए कई दूसरे कदमों का भी उल्लेख किया है। मंत्रालय के अनुसार, कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी की गई है और नए वेतनमान तय किए गए हैं। इसके साथ ही सरकार ने बैंक कर्मचारियों की भर्ती बढ़ाने और पदोन्नति की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के कदमों का भी जिक्र किया है। मंत्रालय के मुताबिक इन उपायों का उद्देश्य कर्मचारियों के कामकाजी माहौल और उनके कल्याण में सुधार करना है।

क्या है शनिवार की छुट्टी का इतिहास

जानकारी दें कि, बैंकों में शनिवार की छुट्टी की मौजूदा व्यवस्था वर्ष 2015 में किए गए फैसले के बाद लागू हुई थी। उस समय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। इसके बावजूद पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंक खुले रहते हैं। अब कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि सभी शनिवार को छुट्टी घोषित कर दी जाए।

ग्राहकों पर क्या होगा असर?

अब अगर 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल होती है, तो बैंक शाखाओं में होने वाले कई जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं। नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, शाखा में होने वाले आवेदन और दूसरी सेवाओं में देरी हो सकती है। खास तौर पर जिन ग्राहकों को बैंक शाखा जाकर काम कराना जरूरी है, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जिन लोगों के जरूरी बैंकिंग काम इन तारीखों के आसपास हैं, उनके लिए पहले से काम निपटाना उपयोगी रहेगा।

डिजिटल सेवाओं से मिलेगी राहत

बैंक शाखाओं के कामकाज पर असर पड़ने की स्थिति में ग्राहक कई सामान्य वित्तीय काम डिजिटल माध्यम से कर सकते हैं। तत्काल भुगतान, मोबाइल से बैंकिंग, इंटरनेट के जरिए बैंकिंग और नकद निकालने की मशीन जैसी सुविधाएं ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकती हैं। हालांकि सभी बैंकिंग सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हों, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी खास काम के लिए संबंधित बैंक की सुविधा पहले जांच लेना बेहतर होगा।

निवेशकों को भी रखना होगा ध्यान

बैंक हड़ताल का असर उन लोगों के वित्तीय कामों पर भी पड़ सकता है जिनके निवेश या भुगतान बैंकिंग सेवाओं से जुड़े हैं। ऐसे ग्राहकों को जरूरी लेनदेन की तारीखों को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी करनी चाहिए। निवेश से जुड़े कामों के लिए एचडीएफसी स्काई जैसे डिजिटल मंच बाजार और अपने निवेश पर नजर रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि बैंक से जुड़े भुगतान या शाखा आधारित सेवाओं के लिए संबंधित बैंक की उपलब्ध सुविधा अलग से देखना जरूरी रहेगा।

अब बातचीत पर टिकी नजर

फिलहाल 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित बैंक हड़ताल को लेकर सरकार और बैंक कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत अहम है। जहां सरकार चाहती है कि हड़ताल वापस ली जाए और लंबित मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाए।वहीं कर्मचारी संगठन पांच दिन काम की व्यवस्था समेत अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत पर सभी की नजर रहेगी। आम ग्राहकों के लिए बेहतर होगा कि वे हड़ताल की संभावित तारीखों को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी बैंकिंग काम समय रहते निपटा लें।

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