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Crude Oil Rate Today: ईरान-अमेरिका तनाव से कच्चे तेल में उछाल, जानें Brent-WTI का ताजा भाव

Authored By HDFC SKY | Updated at: Oct 8, 2026 11:27 AM IST

Crude Oil Rate Today: ईरान-अमेरिका तनाव से कच्चे तेल में उछाल, जानें Brent-WTI का ताजा भाव

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मुंबई, आठ अक्टूबर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ने आज फिर रफ्तार पकड़ ली है। Brent Crude का भाव $102 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि WTI Crude करीब $90 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, अमेरिका-ईरान के बीच टकराव की आशंका और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता ने तेल बाजार में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम आज भी स्थिर हैं।

Brent और WTI का भाव
आज 8 अक्टूबर के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार Brent Crude करीब 102.30-102.38 प्रति बैरल के आसपास है। इसमें तेजी देखी गई है। वहीं WTI Crude करीब $89.90 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। तेल की इस तेजी का सबसे बड़ा कारण सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंता है। ऐसे में अगर मिडिल ईस्ट से तेल की आपूर्ति प्रभावित होती है या समुद्री रास्तों पर लंबे समय तक रुकावट आती है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता घट सकती है।

क्या कहते हैं बाजार
अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ MCX के संकेतों को देखने पर तेल बाजार की तस्वीर ज्यादा साफ होती है। फिलहाल वैश्विक बाजार में तेजी है, लेकिन इसका सीधा असर भारत के पेट्रोल-डीजल भाव में दिखाई नहीं दे रहा।

कच्चा तेल 8 अक्टूबर का भाव स्थिति
Brent Crude करीब $102.37/बैरल तेजी
WTI Crude करीब $89.90/बैरल तेजी
Indian Crude Basket करीब $120.73/बैरल ऊंचा स्तर

होर्मुज को लेकर दिखी चिंता
कच्चे तेल की कीमतों के लिए इस समय होर्मुज सबसे अहम मुद्दों में से एक है। खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। जहाजों पर हमलों की खबरों ने बाजार में यह डर बढ़ाया है कि अगर यह महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता प्रभावित हुआ तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।सऊदी अरामको की ओर से भी होर्मुज मार्ग में संभावित रुकावट को लेकर चिंता जताई गई है। इसी वजह से निवेशक किसी भी नए घटनाक्रम पर तुरंत प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव का असर
जानकारी दें कि, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी तेल की कीमतों को ऊपर रखने वाला प्रमुख कारण है। अमेरिकी का  ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की आशंका से बाजार की चिंता बढ़ी है।ऐसे में अगर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है तो तेल बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है। इसके उलट तनाव कम होने पर हाल की तेजी कमजोर भी हो सकती है।

अक्टूबर में कैसा रहा भाव
गौरतलब है कि, अक्टूबर की शुरुआत से कच्चे तेल की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव रहा है। 1 अक्टूबर को भाव $102.83 प्रति बैरल था। वहीं 5 अक्टूबर को यह गिरकर $100.29 और 7 अक्टूबर को करीब $100 तक आ गया। अब 8 अक्टूबर को कीमत फिर $102.37 के आसपास पहुंच गई है।

तारीख भाव बदलाव
8 अक्टूबर $102.37 तेजी
7 अक्टूबर $100.00 -$0.52
6 अक्टूबर $100.52 +$0.23
5 अक्टूबर $100.29 -$2.43
3 अक्टूबर $102.72 +$0.25
2 अक्टूबर $102.47 -$0.36
1 अक्टूबर $102.83 +$4.80

अक्टूबर में अब तक $102.83 सबसे ऊंचा और $100 सबसे निचला स्तर रहा है। बीते 1 अक्टूबर की तुलना में आज 8 अक्टूबर का भाव करीब 0.45% नीचे है, लेकिन हाल की तेजी ने कीमत को फिर ऊंचे स्तरों के करीब पहुंचा दिया है।

भारत में पेट्रोल-डीजल फिलहाल स्थिर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के महंगे होने के बावजूद फिलहाल भारत में 8 अक्टूबर को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों ने प्रमुख शहरों में पुराने दाम ही बनाए रखे हैं।

शहर पेट्रोल डीजल
दिल्ली ₹102.12 ₹95.20
मुंबई ₹111.21 ₹93.14
कोलकाता ₹113.51 —
चेन्नई ₹107.76 —

पता हो कि, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करती। रुपये की विनिमय दर, कर, परिवहन लागत और तेल कंपनियों की लागत भी अंतिम कीमत को प्रभावित करती है। इसलिए कच्चे तेल में एक दिन की तेजी का असर घरेलू पंप पर तुरंत दिखाई देना जरूरी नहीं है।

Indian Crude Basket भी महंगा
जानकारी दें कि, भारत के लिए Indian Crude Basket भी महत्वपूर्ण संकेतक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इसकी कीमत करीब $120.73 प्रति बैरल है। कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा रहने पर भारत का आयात खर्च बढ़ सकता है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है।इसका असर आगे चलकर परिवहन, माल ढुलाई और उत्पादन लागत पर पड़ सकता है। हालांकि वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि तेल की ऊंची कीमत कितने समय तक बनी रहती है।

अब $100 का स्तर अहम
फिलहाल $100 प्रति बैरल का स्तर कच्चे तेल के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। बीते 7 अक्टूबर को कीमत इस स्तर तक आई थी, लेकिन 8 अक्टूबर को फिर $102 के पार पहुंच गई। ऐसे में अगर Brent लंबे समय तक $100 से ऊपर रहता है और मिडिल ईस्ट का तनाव बढ़ता है, तो आगे और तेजी का जोखिम बना रहेगा।वहीं तनाव कम होने और तेल आपूर्ति सामान्य रहने पर कीमतों में राहत आ सकती है। फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज और वैश्विक तेल आपूर्ति पर टिकी है। भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम आज स्थिर जरूर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की यह तेजी लंबे समय तक बनी रही तो आगे घरेलू बाजार पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।

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