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जियो प्लेटफॉर्म्स 28 अक्टूबर को हो सकती है सूचीबद्ध, 21 अक्टूबर को खुल सकता है आईपीओ

Authored By PTI | Published at: Oct 6, 2026 10:27 AM IST

जियो प्लेटफॉर्म्स 28 अक्टूबर को हो सकती है सूचीबद्ध, 21 अक्टूबर को खुल सकता है आईपीओ

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नयी दिल्ली, 6 अक्टूबर: जियो प्लेटफॉर्म्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 21 अक्टूबर को खुल सकता है। इसे देश का अबतक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम माना जा रहा है।

सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि डिजिटल सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी का शेयर 28 अक्टूबर को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हो सकता है।

कंपनी के इस महीने के अंत तक 143-146 अरब अमेरिकी डॉलर या 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के उद्यम मूल्य पर सूचीबद्ध होने की संभावना है।

घटनाक्रम पर नजर रख रहे सूत्रों में से एक ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘19 अक्टूबर को एंकर दौर पूरा होने के बाद निर्गम 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक अभिदान के लिए खुलेगा। उम्मीद है कि सार्वजनिक कारोबार के लिए शेयर 28 अक्टूबर को सूचीबद्ध होंगे।’’

इस संबंध में जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ करीब 3.8 अरब डॉलर का हो सकता है। इस आकार के साथ यह भारत का अबतक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है।

सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में अपने अंतरराष्ट्रीय रोडशो पूरे कर लिए हैं। अब वह 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास आईपीओ के लिए अंतिम दस्तावेज दाखिल कर सकती है। कंपनी भारत में भी आईपीओ रोडशो आयोजित कर सकती है।

अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में आयोजित रोड शो की अगुवाई जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक एवं रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी और रिलायंस रिटेल वेंचर्स लि. की कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने की।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 28 अगस्त को जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर अंतिम टिप्पणियां जारी की थीं। कंपनी ने जून में आईपीओ के लिए दस्तावेज दाखिल किए थे। दस्तावेजों के मसौदो के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। यह निर्गम-बाद इक्विटी का करीब 2.9 प्रतिशत होगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत बढ़कर 30,053 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वार्षिक राजस्व 14.5 प्रतिशत बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये रहा। नुवामा रिसर्च के विश्लेषकों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 से 2029-30 के बीच रिलायंस जियो का मुनाफा करीब 18 प्रतिशत की सालाना दर से बढ़ सकता है।

जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस का डिजिटल कारोबार शामिल है, जिनमें दूरसंचार सेवाएं प्रमुख हैं। इसकी दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम का भारतीय मोबाइल बाजार में करीब 39.29 प्रतिशत हिस्सा है और इसके करीब 50.6 करोड़ मोबाइल ग्राहक हैं। कंपनी के पास जून, 2026 तक करीब 26.85 करोड़ 5जी ग्राहक थे।

कंपनी अब दूरसंचार से आगे बढ़ते हुए क्लाउड, कृत्रिम मेधा (एआई) और एंटरप्राइज नेटवर्क सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स पहले ही कई बड़े वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर चुकी है। वर्ष 2020 में मेटा ने 43,574 करोड़ रुपये में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी, जबकि गूगल ने 33,737 करोड़ रुपये में 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके अलावा सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडाला, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, टीपीजी, एल कैटरटॉन, इन्टेल कैपिटल और क्वालकॉम वेंचर्स समेत अन्य निवेशकों ने मिलकर करीब 74,745 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

दस्तावेजों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स में करीब 66.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि मेटा और गूगल की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 17.7 प्रतिशत है। जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 2008 के बाद रिलायंस समूह का पहला सार्वजनिक निर्गम होगा।

Disclaimer: यह लेख PTI की ऑटो-पब्लिश्ड फीड से लिया गया है। इसमें HDFC Sky की टीम द्वारा कोई संपादन या बदलाव नहीं किया गया है।   

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