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जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में कोई बिक्री पेशकश शामिल नहीं होगी

Authored By PTI | Published at: Oct 6, 2026 03:56 PM IST

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में कोई बिक्री पेशकश शामिल नहीं होगी

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नयी दिल्ली, छह अक्टूबर: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में कोई बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल होने की संभावना नहीं है। इसकी वजह है कि किसी भी निवेशक ने अपनी हिस्सेदारी बेचने या घटाने की मंशा नहीं जताई है।

मामले से परिचित सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी इस आईपीओ के जरिये करीब 3.8 अरब डॉलर जुटा सकती है।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘विदेश में निवेशकों के साथ बैठकों के दौरान मिली प्रतिक्रिया के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार मूल्यांकन 12-13 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इस मूल्यांकन पर सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की शीर्ष तीन कंपनियों में शामिल हो सकती है।’’

फिलहाल बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की शीर्ष कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल शामिल हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने जून में आईपीओ के लिए दस्तावेजों का मसौदा दाखिल किया था। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 28 अगस्त को इस निर्गम के लिए अंतिम टिप्पणियां जारी की थीं।

दस्तावेजों के मसौदे के मुताबिक, कंपनी आईपीओ के तहत 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। यह निर्गम के बाद कंपनी की कुल इक्विटी का करीब 2.9 प्रतिशत होगा।

मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि यह निर्गम बिना किसी बिक्री पेशकश के आएगा, क्योंकि किसी भी निवेशक ने अपनी हिस्सेदारी घटाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

सूत्रों के मुताबिक, आईपीओ के लिए एंकर निवेशकों से बोली 19 अक्टूबर को लगने की संभावना है, जबकि आम निवेशकों के लिए निर्गम 21 से 23 अक्टूबर तक खुल सकता है।

इस निर्गम में जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स की अनुषंगी कंपनियों के स्थायी कर्मचारियों के लिए शेयर आरक्षित होंगे।

निर्गम में पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए शुद्ध निर्गम का अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा होगा। गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए कम-से-कम 15 प्रतिशत और खुदरा निवेशकों के लिए कम-से-कम 35 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रहेगा।

सूत्र ने बताया कि क्यूआईबी के हिस्से में से 60 प्रतिशत तक हिस्सा एंकर निवेशकों को आवंटित किया जा सकता है। इसमें से कुछ हिस्सा विशेष रूप से म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और पेंशन कोष के लिए आरक्षित होगा।

इस संबंध में टिप्पणी के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।

Disclaimer: यह लेख PTI की ऑटो-पब्लिश्ड फीड से लिया गया है। इसमें HDFC Sky की टीम द्वारा कोई संपादन या बदलाव नहीं किया गया है।   

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