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भारत का सबसे बड़ा IPO: जानिए निवेशकों के लिए क्या है खास जियो प्लेटफॉर्म्स में

Authored By HDFC SKY | Published at: Oct 15, 2026 12:51 PM IST

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नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर: भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एक ऐतिहासिक मौका आने वाला है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विस और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) अगले हफ्ते अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग लॉन्च करने जा रही है। अक्टूबर 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,800 करोड़ रुपये का आईपीओ भारत का सबसे बड़ा इश्यू बना था। लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स 30,213 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य के साथ इस रिकॉर्ड को तोड़ने जा रही है। अगर यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो जाता है, तो कंपनी का कुल वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।

लॉट साइज

कंपनी ने एक शेयर की कीमत 1,065 रुपये से 1,119 रुपये के बीच तय की है। इसका लॉट साइज 12 शेयरों का है, यानी आपको कम से कम 12 शेयर या उसके मल्टीप्लाई में ही पैसा लगाना होगा। रिटेल इनवेस्टर्स के लिए यह आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। हालांकि एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह 19 अक्टूबर को ही खुल जाएगा। यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, जिसमें 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे।

कंपनी ने अपने मौजूदा परिवार यानी कर्मचारियों और शेयरधारकों का भी खास ख्याल रखा है। योग्य शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये के शेयर अलग से रिजर्व रखे गए हैं। वहीं, कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये का कोटा है। दिलचस्प बात यह है कि कर्मचारी कोटे से आवेदन करने वालों को प्रति शेयर 54 रुपये की सीधी छूट भी मिलेगी।

जब कोई कंपनी बाजार से इतना बड़ा फंड उठाती है, तो सबसे पहला सवाल यही उठता है कि यह पैसा जाएगा कहां? जियो ने अपनी रणनीति बिल्कुल साफ रखी है। इस 30,213 करोड़ रुपये में से करीब 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपनी एक सब्सिडरी कंपनी का भारी-भरकम कर्ज चुकाने के लिए करेगी। इससे कंपनी की बैलेंस शीट और मजबूत होगी। वैसे, कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पहले से ही शानदार है। मार्च 2026 में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में जियो प्लेटफॉर्म्स ने 1.47 लाख करोड़ रुपये की बंपर कमाई की थी, जिसमें उसका शुद्ध मुनाफा लगभग 30,000 करोड़ रुपये रहा था।

इस आईपीओ का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि इसमें ऑफर फॉर सेल नहीं है। गौरतलब है कि साल 2020 में, मेटा, गूगल, KKR और सिल्वर लेक जैसे ग्लोबल दिग्गजों ने जियो में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश किया था। वर्तमान में मेटा के पास कंपनी की 9.98% और गूगल के पास 7.73% हिस्सेदारी है। लेकिन इस आईपीओ में इनमें से कोई भी निवेशक अपना एक भी शेयर नहीं बेच रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज भी अपनी 66.43% हिस्सेदारी बरकरार रखेगी। बड़े निवेशकों का यह कदम दिखाता है कि उन्हें कंपनी की आगे की ग्रोथ पर पूरा भरोसा है।

रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने इसे कंपनी के सफर का सिर्फ एक शुरुआती कदम बताया है। आज जियो सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं रह गई है। कंपनी अब क्लाउड कंप्यूटिंग, एम्बेडेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेवाओं और ‘लो-अर्थ-ऑर्बिट’ (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क जैसे भविष्य के सेक्टर्स में तेजी से पैर पसार रही है।

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