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Jio Platforms IPO की तारीख तय! ₹30,213 करोड़ का इश्यू तोड़ेगा Hyundai का रिकॉर्ड

Authored By HDFC SKY | Published at: Oct 15, 2026 09:05 AM IST

Jio Platforms IPO की तारीख तय! ₹30,213 करोड़ का इश्यू तोड़ेगा Hyundai का रिकॉर्ड

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मुंबई, 15 अक्टूबर:  मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो अब उस मुकाम पर पहुंच गई है, जहां उसकी कहानी अब  सिर्फ मोबाइल इंटरनेट और सस्ते डेटा तक सीमित नहीं रह गई है। जिस कंपनी ने देश में इंटरनेट इस्तेमाल करने का तरीका बदल दिया, वह अब शेयर बाजार में भी इतिहास बनाने की तैयारी कर रही है।

जानकारी दें कि, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का बहुप्रतीक्षित आईपीओ आगामी 21 अक्टूबर 2026 को खुलने वाला है। कंपनी ने इसके लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी कीमत के आधार पर इश्यू का आकार करीब ₹30,213 करोड़ होगा। ऐसा होने पर यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।

21 से 23 अक्टूबर तक मिलेगा मौका

बता दें कि, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेशक 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी की आईपीओ समिति ने प्राइस बैंड, कर्मचारियों के लिए छूट और न्यूनतम आवेदन की लॉट साइज से जुड़े फैसलों को मंजूरी दी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बीते 14 अक्टूबर को नियामकीय फाइलिंग में इसकी जानकारी दी।

इस आईपीओ पर निवेशकों की नजर इसलिए भी है, क्योंकि इसमें देश के बड़े कारोबारी समूहों में शामिल रिलायंस की डिजिटल और दूरसंचार कारोबार से जुड़ी कंपनी शेयर बाजार में उतरने जा रही है। 

Hyundai का रिकॉर्ड टूटने की तैयारी

जियो का यह प्रस्तावित आईपीओ आकार के मामले में अब तक के बड़े इश्यू को भी पीछे छोड़ सकता है। फिलहाल भारत के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम है, जिसने ₹27,870 करोड़ जुटाए थे। जियो का इश्यू ऊपरी प्राइस बैंड पर करीब ₹30,213 करोड़ का बैठता है। यानी आकार के लिहाज से यह हुंडई के आईपीओ से लगभग ₹2,343 करोड़ बड़ा होगा।

कंपनी आईपीओ का आकार
Jio Platforms ₹30,213 करोड़
Hyundai Motor India ₹27,870 करोड़
NSE करीब ₹22,562 करोड़
LIC ₹20,557 करोड़
Paytm ₹18,300 करोड़
Tata Capital ₹15,512 करोड़

यह तुलना आईपीओ के बताए गए आकार पर आधारित है। जियो के लिए ₹30,213 करोड़ का आंकड़ा ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर है।

शेयर की कीमत और कितनी है कंपनी की वैल्यू ?

जियो प्लेटफॉर्म्स ने एक शेयर का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया है। ऊपरी कीमत के आधार पर कंपनी करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इस बाबत उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस कीमत पर कंपनी का मूल्यांकन लगभग ₹10.3 लाख करोड़ के स्तर पर रखा जा रहा है।

हालांकि आईपीओ में पैसा लगाने से पहले निवेशकों को कंपनी की कमाई, कर्ज, कारोबार की वृद्धि, प्रतिस्पर्धा और तय कीमत पर शेयर के मूल्यांकन को समझना चाहिए। किसी कंपनी का बड़ा होना या उसका आईपीओ रिकॉर्ड बनाना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि शेयर सूचीबद्ध होने के बाद भी बढ़ेगा।

52 करोड़ से ज्यादा ग्राहक, 5G पर बढ़ता जोर

देखा जाए तो जियो की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल ग्राहक आधार है। इस  पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक कंपनी के कुल ग्राहक करीब 52.4 करोड़ हो चुके थे। इनमें लगभग 26.8 करोड़ ग्राहक 5G सेवाओं से जुड़े थे। कंपनी के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में 5G की हिस्सेदारी भी करीब 55 प्रतिशत बताई गई है।

अब ये आंकड़े यही बताते हैं कि जियो का कारोबार अब केवल नए मोबाइल कनेक्शन जोड़ने तक सीमित नहीं है। कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों को तेज नेटवर्क और नई डिजिटल सेवाएं देने पर भी जोर दे रही है। 5G का बढ़ता इस्तेमाल भविष्य में कारोबार के नए अवसर खोल सकता है, लेकिन इसके लिए नेटवर्क और तकनीक पर लगातार निवेश भी जरूरी होगा।

AirFiber से AI तक, कारोबार बढ़ाने की तैयारी

जियो फिक्स्ड ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जियो एयरफाइबर की मांग के बीच कंपनी के फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 2.71 करोड़ तक पहुंच गई थी। इससे कंपनी को मोबाइल सेवाओं के अलावा घरों और कारोबारों तक इंटरनेट पहुंचाने के क्षेत्र में भी बड़े अवसर मिलते हैं।

इसके साथ ही अब कंपनी की दिलचस्पी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट संचार जैसी तकनीकों में भी है। लो–अर्थ ऑर्बिट यानी पृथ्वी की निचली कक्षा में घूमने वाले उपग्रहों के जरिए इंटरनेट सेवा देने की योजना इस दिशा में एक बड़ा कदम हो सकती है।

निवेश से पहले इन बातों पर रखें नजर

देखा जाए तो,  जियो का आईपीओ आकार और कंपनी का ग्राहक आधार इसे प्राथमिक बाजार का बड़ा घटनाक्रम बनाते हैं। लेकिन निवेशकों के लिए असली सवाल यह है कि कंपनी की कमाई की संभावनाएं और जोखिम तय शेयर कीमत को कितना उचित ठहराते हैं। इस बाबत अंतिम फैसला लेने से पहले रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में दी गई वित्तीय जानकारी, जोखिमों, आईपीओ के इस्तेमाल और पात्र निवेशक श्रेणियों से जुड़े नियमों को पढ़ना जरूरी है।

इसके साथ ही HDFC Sky जैसे निवेश मंचों पर उपलब्ध बाजार संबंधी जानकारी निवेशकों को आईपीओ और शेयर बाजार की बुनियादी बातें समझने में मदद कर सकती है। फिर भी आवेदन से पहले आधिकारिक दस्तावेजों और अपने वित्तीय लक्ष्य के आधार पर फैसला लेना बेहतर होगा।

गौर किया जाए तो जियो का आईपीओ कंपनी के लिए डिजिटल कारोबार के अगले चरण की शुरुआत हो सकता है और भारत के प्राथमिक बाजार के लिए एक बड़ी घटना भी। ऐसे में अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि रिकॉर्ड आकार वाला यह इश्यू कितनी मांग जुटाता है और बाजार इसे किस तरह से अपनी प्रतिक्रिया देता है।

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