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NSE IPO Allotment Today: 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद आज तय होगा किसे मिले NSE के शेयर, 24 सितंबर को होगी लिस्टिंग

Authored By HDFC SKY | Updated at: Sep 22, 2026 12:39 PM IST

NSE IPO Allotment Today: 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद आज तय होगा किसे मिले NSE के शेयर, 24 सितंबर को होगी लिस्टिंग

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मुंबई:  करीब एक दशक से बाजार में लिस्टिंग का इंतजार कर रहे National Stock Exchange of India (NSE) के IPO की बोली प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। ₹22,569 करोड़ के इस पब्लिक इश्यू को निवेशकों की ओर से कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार NSE IPO का अलॉटमेंट आज यानी 22 सितंबर 2026 को तय होने की उम्मीद है, जबकि सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर 23 सितंबर को क्रेडिट किए जा सकते हैं। इसके बाद NSE के शेयर 24 सितंबर 2026 को BSE और NSE दोनों पर लिस्ट होने वाले हैं। 

शुरुआत धीमी, आखिरी दिन बढ़ी मांग 

NSE IPO के लिए सब्सक्रिप्शन बीते 17 सितंबर को शुरू हुआ था और 21 सितंबर को बोली बंद हुई थी। शुरुआत में निवेशकों की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही, लेकिन आखिरी दिनों में खासकर संस्थागत निवेशकों की मांग बढ़ी। अंतिम आंकड़ों के अनुसार इश्यू को कुल 50.581 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिली, जबकि 8.86 करोड़ शेयरों का संबंधित ऑफर था। 

ऊपरी प्राइस बैंड ₹1,785 के हिसाब से इन बोलियों की कुल वैल्यू ₹90,000 करोड़ से अधिक बैठती है। इससे इश्यू में निवेशकों की कुल मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है। 

किस कैटेगरी से कितनी बोली आई? 

NSE IPO में अलग–अलग निवेशक वर्गों की भागीदारी में बड़ा अंतर देखने को मिला।जहां  Qualified Institutional Buyers (QIBs) की तरफ से सबसे ज्यादा मांग रही। वहीं QIB कैटेगरी 12.68 गुना सब्सक्राइब हुई। वहीं Non-Institutional Investors यानी NII हिस्से को 6.55 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। 

रिटेल निवेशकों के लिए तय हिस्सा 1.39 गुना सब्सक्राइब हुआ। यानी रिटेल कैटेगरी में भी उपलब्ध शेयरों की तुलना में ज्यादा आवेदन मिले। 

निवेशक वर्ग  सब्सक्रिप्शन 
QIB  12.68 गुना 
NII  6.55 गुना 
Retail  1.39 गुना 
कुल IPO  5.71 गुना 

किस कैटेगरी में रही कितनी डिमांड ? 

इसे अगर और विस्तृत तरीके से समझें तो, NSE IPO को कुल मिलाकर 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। बीते 21 सितंबर 2026 को शाम 7 बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 8,86,42,911 शेयरों के मुकाबले 50,58,11,384 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। यानी ऑफर किए गए शेयरों की तुलना में निवेशकों की मांग करीब 5.7 गुना रही। 

कैटेगरी के हिसाब से देखें तो Qualified Institutional Buyers (QIBs) की ओर से सबसे मजबूत मांग रही। इस हिस्से के लिए 2,52,07,867 शेयर उपलब्ध थे, जबकि 31,97,15,504 शेयरों के लिए बोली आई। इस तरह QIB कैटेगरी 12.68 गुना सब्सक्राइब हुई। 

इसके बाद Non-Institutional Investors (NIIs) की मांग रही। इस कैटेगरी में 1,89,00,483 शेयर ऑफर किए गए थे और 12,37,51,624 शेयरों के लिए बोली मिली। NIIs का हिस्सा 6.55 गुना सब्सक्राइब हुआ। 

रिटेल निवेशकों के लिए 4,41,01,125 शेयर रिजर्व किए गए थे। इनके मुकाबले 6,13,05,464 शेयरों के लिए आवेदन मिले। इस तरह रिटेल कैटेगरी 1.39 गुना सब्सक्राइब हुई। वहीं कर्मचारियों के लिए रिजर्व 4,33,436 शेयरों के मुकाबले 10,38,792 शेयरों की बोली आई और यह हिस्सा 2.40 गुना सब्सक्राइब हुआ। 

निवेशक कैटेगरी  ऑफर किए गए शेयर  बोली वाले शेयर  सब्सक्रिप्शन 
QIB  2,52,07,867  31,97,15,504  12.68 गुना 
NII  1,89,00,483  12,37,51,624  6.55 गुना 
Retail Investors  4,41,01,125  6,13,05,464  1.39 गुना 
Employee Reserved  4,33,436  10,38,792  2.40 गुना 
कुल  8,86,42,911  50,58,11,384  5.71 गुना 

NII में भी अलग–अलग तस्वीर 

जानकारी दें कि, NII कैटेगरी को दो हिस्सों में बांटा गया था। ₹10 लाख से अधिक की बोली वाले निवेशकों के लिए 1,26,00,322 शेयर उपलब्ध थे और 9,79,71,576 शेयरों के लिए बोली मिली। यह हिस्सा 7.78 गुना सब्सक्राइब हुआ। 

वहीं ₹2 लाख से अधिक और ₹10 लाख तक की बोली वाले NII निवेशकों के लिए 63,00,161 शेयर रिजर्व थे। इनके मुकाबले 2,57,80,048 शेयरों के लिए बोली आई। इस हिस्से में 4.09 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ। 

इसके साथ ही QIB कैटेगरी के अंदर भी विदेशी संस्थागत निवेशकों, घरेलू वित्तीय संस्थानों, म्यूचुअल फंड और अन्य संस्थागत निवेशकों की ओर से बोलियां आईं। इनमें FIIs ने 14,03,19,136 शेयरों के लिए, घरेलू वित्तीय संस्थानों ने 6,79,62,488 शेयरों के लिए, म्यूचुअल फंड्स ने 5,40,84,792 शेयरों के लिए और अन्य निवेशकों ने 5,73,49,088 शेयरों के लिए बोली लगाई। 

आंकड़े क्या बताते हैं? 

इन सब्सक्रिप्शन आंकड़ों से अब यह साफ है कि NSE IPO में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी काफी ज्यादा रही। QIB हिस्से में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 12 गुना से अधिक बोली मिली, जबकि रिटेल हिस्से में मांग अपेक्षाकृत सीमित रही और यह 1.39 गुना पर रही। 

हालांकि, केवल सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा IPO की लिस्टिंग या भविष्य के शेयर प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता। अलॉटमेंट के बाद निवेशकों की नजर अब 24 सितंबर की लिस्टिंग पर रहेगी। 

अब निवेशकों को किस बात का इंतजार? 

बिडिंग खत्म होने के बाद अब सबसे अहम चरण अलॉटमेंट का है। जिन लोगों ने NSE IPO के लिए आवेदन किया है, वे अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद यह देख सकेंगे कि उन्हें शेयर मिले हैं या नहीं। 

जिन निवेशकों को शेयर अलॉट नहीं होंगे, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया 23 सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है। इसी दिन सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट किए जा सकते हैं। इसके अगले दिन यानी 24 सितंबर को NSE के शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग प्रस्तावित है। 

PAN से ऐसे करें NSE IPO Status चेक  

निवेशक अपना NSE IPO Allotment Status रजिस्ट्रार MUFG Intime India की वेबसाइट के अलावा BSE और NSE की संबंधित वेबसाइटों पर भी देख सकते हैं। 

MUFG Intime India इस इश्यू का रजिस्ट्रार है। रजिस्ट्रार के IPO स्टेटस पेज पर जाकर निवेशक इश्यू की लिस्ट में National Stock Exchange of India Ltd को चुन सकते हैं। इसके बाद PAN, आवेदन संख्या या उपलब्ध डीमैट संबंधी जानकारी दर्ज करके स्टेटस देखा जा सकता है। 

MUFG Intime पर क्या करना होगा? 

सबसे पहले MUFG Intime India के IPO Status सेक्शन पर जाएं। वहां NSE IPO को चुनें। इसके बाद उपलब्ध विकल्पों में से PAN या Application Number जैसे पहचान विकल्प का चयन करें। 

जरूरी जानकारी दर्ज करने और सबमिट करने के बाद स्क्रीन पर अलॉटमेंट की जानकारी दिखाई दे सकती है। वेबसाइट पर ट्रैफिक अधिक होने की स्थिति में परिणाम दिखने में कुछ समय लग सकता है। 

BSE की वेबसाइट से ऐसे देखें Allotment  Status  

BSE के IPO एप्लीकेशन स्टेटस पेज के जरिए भी अलॉटमेंट की जानकारी हासिल की जा सकती है। यहां Issue Type में Equity चुनना होगा। इसके बाद Issue Name में National Stock Exchange of India Ltd का विकल्प चुनें। 

अब PAN या Application Number दर्ज करके Search पर क्लिक करना होगा। उपलब्ध होने पर सिस्टम आपके आवेदन से जुड़ा अलॉटमेंट स्टेटस दिखाएगा। 

NSE वेबसाइट पर कैसे करें चेक? 

निवेशक NSE के IPO Bid Verification मॉड्यूल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। यहां Equity & SME IPO Bid Details से संबंधित विकल्प चुनकर Symbol में NSE का चयन किया जा सकता है। 

इसके बाद PAN सहित मांगी गई जानकारी दर्ज करनी होगी। सबमिट करने के बाद आवेदन से जुड़ी बोली की जानकारी देखी जा सकती है। अलॉटमेंट से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होने पर संबंधित स्टेटस भी जांचा जा सकता है। 

GMP में दिखा बड़ा बदलाव 

NSE IPO को लेकर ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP में सब्सक्रिप्शन अवधि के दौरान काफी बदलाव देखने को मिला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार IPO खुलने के समय GMP करीब ₹155 था। SEBI की मंजूरी के बाद इसमें तेजी आई और एक समय यह करीब ₹285 तक पहुंच गया। 

हालांकि, इसके बाद GMP में लगातार गिरावट आई है। दिए गए ताजा आंकड़ों में NSE IPO का GMP करीब ₹65-67 के आसपास बताया गया है। इसका मतलब है कि ग्रे मार्केट में शुरुआती उत्साह की तुलना में प्रीमियम काफी कम हुआ है। 

यहां यह भी समझना जरूरी है कि GMP आधिकारिक लिस्टिंग प्राइस नहीं होता। यह अनलिस्टेड मार्केट में चलने वाला एक संकेत है और लिस्टिंग के समय शेयर किस कीमत पर कारोबार करेगा, यह पहले से तय नहीं करता। 

लिस्टिंग प्राइस को लेकर क्या संकेत? 

ग्रे मार्केट के मौजूदा प्रीमियम के आधार पर कुछ बाजार अनुमानों में NSE IPO की संभावित लिस्टिंग कीमत ₹1,850 के आसपास बताई गई है। ₹1,785 के ऊपरी इश्यू प्राइस के मुकाबले यह करीब 3.64% अधिक बैठती है। 

लेकिन यह केवल ग्रे मार्केट पर आधारित अनुमान है। वास्तविक लिस्टिंग प्राइस 24 सितंबर को बाजार में मांग और आपूर्ति के आधार पर तय होगा। इसलिए GMP को निश्चित रिटर्न या पक्की लिस्टिंग का संकेत मानना सही नहीं होगा। 

एक लॉट में कितने शेयर? 

NSE IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया था। एक लॉट में 8 शेयर थे। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए निवेश राशि ₹14,280 बैठती है। 

IPO के आकार में भी बदलाव किया गया था। संशोधित योजना के तहत करीब 12.644 करोड़ शेयर ऑफर किए गए। यह NSE की कुल इक्विटी का करीब 5.1% बताया गया है। 

IPO से NSE को सीधे नहीं मिलेगा पैसा  

NSE का यह इश्यू Offer for Sale यानी OFS है। इसका मतलब है कि IPO में मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेच रहे हैं। कंपनी नए शेयर जारी करके पूंजी नहीं जुटा रही है।इसलिए इश्यू से मिलने वाली रकम, संबंधित खर्चों को छोड़कर, मौजूदा शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगी। NSE की लिस्टिंग का एक प्रमुख उद्देश्य उसके शेयरों को सार्वजनिक बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध कराना है। 

HDFC Sky से रखें बाजार पर नजर 

NSE की लिस्टिंग का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए IPO अलॉटमेंट के साथ–साथ लिस्टिंग के बाद शेयर के कारोबार पर नजर रखना भी जरूरी होगा। HDFC Sky जैसे डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशक शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी और अपने निवेश से संबंधित गतिविधियों को एक ही जगह व्यवस्थित तरीके से ट्रैक कर सकते हैं। 

हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन, बाजार की स्थिति और अपने जोखिम स्तर को समझना जरूरी है। IPO का सब्सक्रिप्शन या GMP भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता। 

24 सितंबर को होगी NSE की लिस्टिंग 

देखा जाए तो अब, NSE IPO से जुड़े निवेशकों के लिए अगली बड़ी तारीख 24 सितंबर 2026 है। उससे पहले आज 22 सितंबर को अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी होने और 23 सितंबर को शेयर क्रेडिट या रिफंड की प्रक्रिया होने की उम्मीद है। 

निवेशकों को अलॉटमेंट स्टेटस देखने के लिए केवल आधिकारिक रजिस्ट्रार, BSE या NSE वेबसाइट का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके बाद 24 सितंबर को NSE के शेयर दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों पर कारोबार के लिए उपलब्ध होंगे।

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