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ओएफएस में शेयर बेचने के बाद भी एनएसई के शेयरधारकों ने बड़ी हिस्सेदारी बरकरार रखी

Authored By PTI | Updated at: Sep 21, 2026 11:03 AM IST

ओएफएस में शेयर बेचने के बाद भी एनएसई के शेयरधारकों ने बड़ी हिस्सेदारी बरकरार रखी

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नयी दिल्ली, 20 सितंबर: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) के ज्यादातर मौजूदा शेयरधारकों ने 22,569 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत बिक्री पेशकश (ओएफएस) में शेयर बेचने के बावजूद अपनी हिस्सेदारी का बड़ा हिस्सा बरकरार रखा है।

आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, ओएफएस में शेयर बेचने वाले शेयरधारकों में मुख्य रूप से संस्थागत निवेशक शामिल थे। इन निवेशकों के पास आईपीओ से पहले एनएसई की कुल 36.82 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। उन्होंने ओएफएस के तहत एनएसई की 5.11 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर शेयर बेचे।

ओएफएस में हिस्सा लेने वाले 20 संस्थागत शेयरधारकों में नौ विदेशी संस्थागत निवेशक थे। आईपीओ से पहले इनकी एनएसई में सामूहिक रूप से 15.96 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

बाकी 11 घरेलू संस्थागत निवेशक थे, जिनमें 10 सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाएं और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस शामिल हैं। इनकी ओएफएस से पहले एनएसई में कुल 20.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

कई बड़े संस्थागत शेयरधारकों ने ओएफएस में हिस्सा लेने के बावजूद अपनी हिस्सेदारी में मामूली कमी की है।

ओएफएस से पहले 4.54 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली अरांडा इन्वेस्टमेंट्स, 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, 4.33 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली एसबीआई कैपिटल मार्केट्स और 3.73 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली क्राइसकैपिटल ने अपनी हिस्सेदारी औसतन केवल करीब सात प्रतिशत घटाई है।

अन्य बड़े विदेशी निवेशकों में क्राउन कैपिटल ने ओएफएस से पहले अपनी हिस्सेदारी का करीब 11 प्रतिशत हिस्सा बेचने के लिए पेश किया।

इससे पता चलता है कि ओएफएस के जरिये मौजूदा निवेशकों को अपने निवेश के एक हिस्से को भुनाने का अवसर मिला, जबकि उन्होंने एनएसई में बड़ी हिस्सेदारी बरकरार रखी।

आईपीओ को शुक्रवार को बोली के दूसरे दिन ही पूर्ण अभिदान मिल गया था। यह 2024 में हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम है। इसने 2022 में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के 21,000 करोड़ रुपये के सार्वजनिक निर्गम को भी पीछे छोड़ दिया है।

अस्वीकरण: यह लेख PTI की ऑटो-पब्लिश्ड (स्वचालित) फीड से लिया गया है। इसमें HDFC Sky की टीम द्वारा कोई संपादन या बदलाव नहीं किया गया है।
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