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सेबी ने पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं के नए नियम अधिसूचित किए, निवेश के विकल्प बढ़ाए

Authored By PTI | Published at: Oct 13, 2026 05:14 PM IST

सेबी ने पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं के नए नियम अधिसूचित किए, निवेश के विकल्प बढ़ाए

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नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर: बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (पीएमएस) के लिए नए नियम अधिसूचित किए हैं। इनके तहत पोर्टफोलियो प्रबंधक अब आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ), प्राथमिक बाजार में जारी होने वाले ऋण पत्रों और विदेशों में प्रतिभूतियों की व्यापक श्रेणी में निवेश कर सकेंगे। साथ ही, म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए उनके वास्ते एक अलग व्यवस्था शुरू की गई है।

सेबी (पोर्टफोलियो प्रबंधक) विनियम, 2026 एक अप्रैल, 2027 से लागू होंगे। ये मौजूदा, 2020 व्यवस्था की जगह लेंगे।

बाजार नियामक ने सात अक्टूबर की अधिसूचना में कहा कि नए पीएमएस ढांचे के तहत पोर्टफोलियो प्रबंधक अपने ग्राहकों की ओर से आईपीओ, प्राथमिक बाजार में जारी ऋण प्रतिभूतियों, शेयर बाजार में सूचीबद्ध या कारोबार की जाने वाली प्रतिभूतियों, मुद्रा बाजार के साधनों और म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेंगे।

उन्हें विदेशी प्रतिभूतियों, गैर-सूचीबद्ध प्रतिभूतियों और बाजार में कारोबार किए जाने वाले वायदा-विकल्प साधनों में निवेश की भी अनुमति होगी।

सेबी ने कहा, ‘‘पोर्टफोलियो प्रबंधक बड़े मूल्य वाले मान्यता प्राप्त निवेशकों की प्रबंधनाधीन कुल संपत्ति के 100 प्रतिशत तक गैर-सूचीबद्ध प्रतिभूतियों में निवेश के लिए विवेकाधीन, गैर-विवेकाधीन या परामर्श सेवाएं दे सकता है। इसके लिए खुलासा दस्तावेज में उचित जानकारी देनी होगी और ग्राहक तथा पोर्टफोलियो प्रबंधक के बीच सहमत शर्तों का पालन करना होगा।’’

सेबी ने म्यूचुअल फंड इकाइयों में निवेश के लिए पोर्टफोलियो प्रबंधक मार्ग (पीआरआईएम) भी शुरू किया है। इसके तहत पोर्टफोलियो प्रबंधक ग्राहकों की राशि भारतीय परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) की म्यूचुअल फंड योजनाओं के प्रत्यक्ष प्लान में लगा सकेंगे। इनमें एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ), इंडेक्स फंड और विशेषीकृत निवेश फंड (एसआईएफ) शामिल हैं। इसके लिए न्यूनतम निवेश की सीमा 25 लाख रुपये रखी गई है। इसके अलावा, केवल पीआरआईएम सेवाएं देने वाली संस्थाओं के लिए न्यूनतम दो करोड़ रुपये की नेट वर्थ बनाए रखना जरूरी होगा।

नियामक ने स्वतंत्र कोष प्रबंधकों की व्यवस्था भी शुरू की है। ये पंजीकृत पोर्टफोलियो प्रबंधकों के साथ मिलकर ग्राहकों के पोर्टफोलियो का प्रबंधन और संचालन कर सकेंगे। हालांकि, उनकी गतिविधियों के लिए जिम्मेदारी और जवाबदेही पंजीकृत पोर्टफोलियो प्रबंधक की ही रहेगी।

अनुपालन को सुगम बनाने के लिए सेबी ने प्रमुख अधिकारियों की शैक्षणिक योग्यता संबंधी शर्तों में भी ढील दी है। अब स्नातक भी प्रमुख (प्रिंसिपल) अधिकारी के रूप में काम करने के पात्र होंगे।

यह अधिसूचना सितंबर में सेबी के निदेशक मंडल की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद आई है।

Disclaimer: यह लेख PTI की ऑटो-पब्लिश्ड फीड से लिया गया है। इसमें HDFC Sky की टीम द्वारा कोई संपादन या बदलाव नहीं किया गया है। 

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