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एलन मस्क के एकाधिकार वाले बयान पर सुनील मित्तल का पलटवार, कहा- सैटेलाइट इंटरनेट की रेस में स्टारलिंक से काफी आगे है भारती

Authored By HDFC SKY | Published at: Oct 14, 2026 05:07 PM IST

एलन मस्क के एकाधिकार वाले बयान पर सुनील मित्तल का पलटवार, कहा- सैटेलाइट इंटरनेट की रेस में स्टारलिंक से काफी आगे है भारती

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नई दिल्ली, 14 अक्टूबर: भारत में सैटेलाइट इंटरनेट मार्केट में एंट्री को लेकर देश के टेलीकॉम दिग्गज सुनील भारती मित्तल और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क के बीच कंपटीशन तेज हो गया है। भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील मित्तल ने मस्क के हालिया बयानों पर करारा जवाब देते हुए कहा कि भारत में सैटेलाइट कनेक्टिविटी के लिए सरकारी मंजूरी की कतार में उनकी कंपनी मस्क की कंपनी स्टारलिंक से काफी आगे है। हाल ही में एलन मस्क ने आरोप लगाया था कि भारत के कुछ टेलीकॉम अरबपति स्टारलिंक को भारतीय बाजार में आने से रोक रहे हैं, ताकि वे अपना एकाधिकार बचाए रख सकें।

सुनील बोले कतार में मस्क से आगे हूं 

मस्क के बयान पर पलटवार करते हुए सुनील मित्तल ने कहा- ‘हम सभी अपनी मंजूरियों का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन मुझे लगता है कि मैं कतार में उनसे काफी आगे हूं। मैंने 5 साल पहले आवेदन किया था। मेरा ग्राउंड नेटवर्क पिछले 3 साल से तैयार है और मेरे सैटेलाइट पिछले 5 सालों से भारत के ऊपर मंडरा रहे हैं।’

मित्तल ने आगे कहा- ‘भारत में स्पेस सेक्टर का विकास एडवांस स्टेज में है और सिर्फ सिक्योरिटी क्लीयरेंस का इंतजार है।’ उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें खुशी होगी अगर स्टारलिंक से कम से कम कुछ दिन पहले भारती को मंजूरी मिल जाए।

गौरतलब है कि स्टारलिंक 2022 से कमर्शियल लाइसेंस का इंतजार कर रहा है, हालांकि 2025 के बीच में उसे सरकार और IN-SPACe से कुछ अहम क्लीयरेंस मिले थे। टेलीकॉम और डिजिटल उपभोक्ताओं के लिए अहम बात कहते हुए मित्तल ने सरकार से डिजिटल उत्पादों और टेलीकॉम सेवाओं पर टैक्स कम रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सस्ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से ही देश की अर्थव्यवस्था को असली ताकत मिलेगी और आर्थिक विकास तेज होगा।

AI पर सख्त नियम बनाने की अपील 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बोलते हुए मित्तल ने सरकारों को जल्द से जल्द सख्त नियम बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीक सरकारों की तैयारियों से कहीं ज्यादा तेजी से विकसित हो रही है। मित्तल ने आगाह किया कि हर दिन खुद इस तकनीक के संस्थापक कह रहे हैं कि उन्हें डर है कि उनके AI एजेंट्स बेकाबू हो सकते हैं। क्या हम तब जागेंगे जब कोई बड़ा हादसा हो जाएगा, या हम उससे पहले कदम उठाएंगे?’ उन्होंने कहा कि AI को लेकर ऐसे  नियम बनाए जाएं जो सुरक्षा के साथ-साथ इनोवेशन और ग्रोथ को भी सपोर्ट कर सके।

कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भरता ज्यादा

ग्लोबल सप्लाई चेन पर बात करते हुए मित्तल ने कहा कि दुनिया के लिए चीन पर अपनी निर्भरता कम करना बहुत मुश्किल होगा, क्योंकि कई उद्योग कच्चे माल और कलपुर्जों के लिए चीन पर अत्यधिक निर्भर हैं।

मित्तल ने कहा- ‘हर कोई इस बात से बहुत खुश है कि चीन कम लागत में हाई क्वॉलिटी प्रोडक्ट बनाता है।’ 100 अरब डॉलर के व्यापार घाटे का उदाहरण देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि चीनी आपूर्ति कई क्षेत्रों को समर्थन देती है, इसलिए इस भारी-भरकम घाटे को घटाकर 50 अरब डॉलर तक लाना भी एक बड़ी चुनौती होगी।

मित्तल ने सरकार से डिजिटल वस्तुओं और टेलीकॉम सर्विस पर टैक्स कम रखने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि कम टैक्स से डिजिटल टेक्नोलॉजी से देश के आर्थिक विकास में और अधिक बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में डिजिटल बुनियादी ढांचा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मित्तल ने यह भी बताया कि भारती पहले ही एक ग्लोबल पार्टनर के साथ मिलकर अफ्रीका में अपनी सैटेलाइट सेवाएं सफलतापूर्वक लॉन्च कर चुकी है और मंजूरियां मिलते ही इसे पूरे भारत में फैलाया जाएगा, जिससे उन सुदूर इलाकों तक इंटरनेट पहुंचेगा जहां टॉवर नेटवर्क काम नहीं करते।

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