Nifty 50
- Dr. Reddy's Labs₹1,310.9081.40 (6.62%)
- Shriram Finance₹825-40.00 (-4.62%)
- JSW Steel₹1,26074.50 (6.28%)
- Tata Consumer ₹936.50-27.40 (-2.84%)
- BSE₹3,359128.20 (3.97%)
- Bajaj Finance₹918.70-10.25 (-1.10%)
- Adani Ports₹1,752.5049.80 (2.92%)
- HDFC Life Insurance ₹519-4.75 (-0.91%)
- Eternal₹325.558.15 (2.57%)
- HDFC Bank₹688.05-4.75 (-0.69%)
- Max Healthcare₹83520.00 (2.45%)
- Sun Pharmaceutical₹1,740-8.00 (-0.46%)
- Kotak Mahindra Bank₹440.7510.25 (2.38%)
- HCL Technologies₹1,417-5.20 (-0.37%)
- Grasim Industries₹2,95056.00 (1.94%)
- Tata Motors PV₹263.70-0.90 (-0.34%)
- Coal India₹4057.55 (1.90%)
- Mahindra & Mahindra₹2,853.10-8.10 (-0.28%)
- Hindalco Industries₹885.6515.80 (1.82%)
- Power Grid Corp₹247-0.40 (-0.16%)
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मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है? जानिए, शेयर बाजार में दिवाली से जुड़ी इस खास परंपरा और इसके महत्व के बारे में
Authored By HDFC SKY | Updated at: Oct 26, 2026 11:47 AM IST

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मुंबई: मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय शेयर बाजार की एक खास परंपरा है। इसमें दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन के शुभ मुहूर्त में एक घंटे के लिए कारोबार किया जाता है। भारतीय शेयर बाजार में दिवाली के दिन आयोजित होने वाले इस विशेष कारोबारी सत्र का समय बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की तरफ से निर्धारित किया जाता है। मुहूर्त ट्रेडिंग का यह समय हर साल अलग हो सकता है।
इस साल यह सत्र रविवार 8 नवंबर को भारतीय समयानुसार दोपहर 2:05 बजे से 2:20 बजे तक आयोजित होगा। यह प्री-ओपन सत्र होगा। मुख्य इक्विटी कारोबार दोपहर 2:20 से 3:30 बजे तक चलेगा।
आइए अब जान लेते हैं कि मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत कैसे हुई और इस दिन बाजार सामान्य दिनों से अलग कैसे काम करता है?
मुहूर्त ट्रेडिंग: आस्था और निवेश से जुड़ी एक परंपरा
मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत की बात करें तो साल 1957 में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर और 1992 में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर हुई थी। ‘मुहूर्त’ का मतलब है एक शुभ समय, जिसे समृद्धि और सफलता लाने वाला माना जाता है।
इस दौरान ज्यादातर निवेशक लक्ष्मी पूजा करते हैं और नए निवेश शुरुआत करते हैं। वहीं, कुछ कारोबारी परिवार में ‘चोपड़ा पूजन’ की परंपरा भी है, जिसमें बहीखाता यानी कि हिसाब-किताब की पुस्तकों की पूजा की जाती है।
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यह सत्र हिंदू वित्तीय वर्ष संवत 2083 की शुरुआत का प्रतीक है। संवत हिंदू समुदायों में प्रचलित एक पारंपरिक कैलेंडर व्यवस्था है। इसमें धन और समृद्धि से जुड़ी सदियों पुरानी मान्यताओं का मेल आज के आधुनिक शेयर बाजार से देखने को मिलता है।
निवेशक, ट्रेडर और संस्थान इस एक घंटे को नए साल की शुरुआत शुभ और सकारात्मक तरीके से करने के प्रतीक के रूप में देखते हैं। उनका मानना होता है कि यह आध्यात्मिक और आर्थिक, दोनों स्तरों पर नई शुरुआत करने का अवसर है।
NSE मुहूर्त ट्रेडिंग का समय 2026
| ट्रेडिंग सत्र | शुरू होने का समय (IST) | समाप्त होने का समय (IST) |
| ब्लॉक डील सत्र | दोपहर 1:50 बजे | दोपहर 2:05 बजे |
| प्री-ओपन ऑर्डर देने का समय | दोपहर 2:05 बजे | दोपहर 2:15 बजे |
| प्री-ओपन ऑर्डर का मिलान और ट्रेड की पुष्टि | दोपहर 2:15 बजे | दोपहर 2:17 बजे |
| प्री-ओपन बफर अवधि | दोपहर 2:17 बजे | दोपहर 2:20 बजे |
| नियमित कारोबार सत्र (CTS) की शुरुआत | दोपहर 2:20 बजे | — |
| CAS सिक्योरिटीज में नियमित कारोबार बंद | — | दोपहर 3:15 बजे |
| संदर्भ मूल्य की गणना और CAS में बदलाव | दोपहर 3:15 बजे | दोपहर 3:20 बजे |
| CAS में ऑर्डर देने का समय | दोपहर 3:20 बजे | दोपहर 3:30 बजे |
| CAS में ऑर्डर का मिलान और ट्रेड की पुष्टि | दोपहर 3:30 बजे | दोपहर 3:35 बजे |
| CAS में बदलाव की अवधि | दोपहर 3:35 बजे | दोपहर 3:50 बजे |
| गैर-CAS सिक्योरिटीज में नियमित कारोबार बंद | — | दोपहर 3:30 बजे |
| पोस्ट-क्लोजिंग सत्र | दोपहर 3:50 बजे | शाम 4:00 बजे |
मुहूर्त ट्रेडिंग का पुराना रिकॉर्ड: ज्यादातर सकारात्मक
शेयर बाजार के दोनों प्रमुख एक्सचेंज हर साल दिवाली के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र का समय अलग से घोषित करते हैं। पिछले एक दशक में, त्योहार के माहौल और चुनिंदा खरीदारी के चलते, सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांक लगभग 80% मौकों पर बढ़त के साथ बंद हुए हैं। ऐतिहासिक रूप से, मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार के नतीजे अक्सर सकारात्मक रहे हैं लेकिन 2016 और 2017 में निफ्टी 50 गिरावट के साथ बंद हुआ था।
उदाहरण के लिए, 2023 में निफ्टी में लगभग 0.52% की तेजी देखी गई, जबकि 2024 के मुहूर्त सत्र में इसमें लगभग 0.41% की बढ़त दर्ज की गई। साल 2025 में मुहूर्त सत्र में 0.10% की बढ़त दर्ज की गई थी।
इस सकारात्मक रुझान के पीछे यह कारण है कि लंबे समय के लिए निवेश करने वाले निवेशक अच्छी गुणवत्ता वाले शेयर खरीद रहे हैं, और संस्थागत निवेशक नए संवत वर्ष की शुरुआत से पहले अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर रहे हैं।
आइए एक नजर साल 2016–2025 में मुहूर्त ट्रेडिंग में निफ्टी 50 के ऐतिहासिक रिटर्न पर डालते हैं:
| साल | निफ्टी 50 का बंद स्तर | पिछले बंद स्तर से बदलाव |
| 2025 | 25,868.60 | +0.10% |
| 2024 | 24,304.35 | +0.41% |
| 2023 | 19,525.55 | +0.52% |
| 2022 | 17,730.75 | +0.88% |
| 2021 | 17,916.80 | +0.49% |
| 2020 | 12,780.25 | +0.47% |
| 2019 | 11,627.15 | +0.37% |
| 2018 | 10,598.40 | +0.65% |
| 2017 | 10,146.55 | −0.63% |
| 2016 | 8,625.70 | −0.14% |
मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेशकों का व्यवहार और बाजार की धारणा
आम कारोबारी सत्रों में जहां तेज और बार-बार होने वाली खरीद-बिक्री पर जोर रहता है, वहीं मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेश को शुभ शुरुआत और लंबे समय के नजरिए से देखा जाता है। खुदरा निवेशक, बड़े निवेशक (HNI) और संस्थागत निवेशक अक्सर इस मौके पर मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों के शेयर खरीदते हैं। इसे वे नए संवत वर्ष की शुरुआत अच्छे निवेश और सकारात्मक सोच के साथ करने का एक तरीका मानते हैं।
मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन शेयर बाजार कैसे काम करता है?
मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन शेयर बाजार में सामान्य कारोबार के बजाय एक विशेष और सीमित समय का सत्र आयोजित किया जाता है। इस दौरान निवेशक अपने ट्रेडिंग खाते के माध्यम से पात्र शेयरों और अन्य निर्धारित वित्तीय साधनों में खरीद-बिक्री कर सकते हैं। इस दिन बाजार में मुख्य रूप से ये गतिविधियां होती हैं:
- विशेष कारोबारी सत्र: दिवाली के अवसर पर एक्सचेंज सामान्य कारोबार के लिए बंद रहते हैं, लेकिन घोषित समय पर मुहूर्त ट्रेडिंग होती है। इसका समय सामान्य कारोबारी दिन से कम होता है।
- शेयरों की खरीद-बिक्री: निवेशक अपनी पसंद की कंपनियों के शेयर खरीद या बेच सकते हैं। कुछ निवेशक लंबे समय के लिए शेयर खरीदते हैं, जबकि कुछ ट्रेडर कम समय में कीमतों में होने वाले बदलावों से लाभ कमाने की कोशिश करते हैं।
- नए निवेश की शुरुआत: कई निवेशक इस दिन पहली बार शेयर बाजार में निवेश करते हैं या अपने मौजूदा निवेश में कुछ नए शेयर जोड़ते हैं।
- बाजार की धारणा पर नजर: निवेशक देखते हैं कि बाजार में खरीदारी का रुझान कैसा है, किन क्षेत्रों में दिलचस्पी दिखाई दे रही है और प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन कैसा रहता है।
- विशेष कारोबारी व्यवस्थाएं: एक्सचेंज इस दिन प्री-ओपन सत्र, नियमित ऑर्डर मिलान, समापन से जुड़ी प्रक्रियाओं और अन्य लागू व्यवस्थाओं के लिए अलग समय तय कर सकते हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान भी शेयरों की कीमतें मांग और आपूर्ति के आधार पर बदलती हैं। केवल दिवाली होने से किसी शेयर का भाव बढ़ना तय नहीं होता।
आइए एक नजर पिछले पांच साल के मुहूर्त ट्रेडिंग के समय पर डालते हैं:
| साल | दिवाली की तारीख | दिन | मुख्य ट्रेडिंग सत्र (IST) |
| 2021 | 4 नवंबर | गुरुवार | शाम 6:15 बजे से 7:15 बजे तक |
| 2022 | 24 अक्टूबर | सोमवार | शाम 6:15 बजे से 7:15 बजे तक |
| 2023 | 12 नवंबर | रविवार | शाम 6:15 बजे से 7:15 बजे तक |
| 2024 | 1 नवंबर | शुक्रवार | शाम 6:00 बजे से 7:00 बजे तक |
| 2025 | 21 अक्टूबर | मंगलवार | दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे तक |
मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेश कैसे करें?
मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेश करने की प्रक्रिया सामान्य शेयर बाजार जैसी ही होती है। इसके लिए निवेशक को डीमैट और ट्रेडिंग खाते की जरूरत होती है। अगर खाता पहले से है, तो वह अपने ब्रोकर के माध्यम से कारोबार कर सकता है। इस दौरान इन बातों का ध्यान रखना उपयोगी है:
- पहले से कंपनियों का चयन करें: उन कंपनियों की सूची तैयार करें जिनमें आप निवेश करना चाहते हैं। उनके कारोबार, वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाओं को समझें।
- निवेश का उद्देश्य तय करें: स्पष्ट करें कि आप लंबे समय के लिए शेयर खरीद रहे हैं या कम समय के कारोबार के लिए। दोनों के जोखिम और रणनीतियां अलग होती हैं।
- बजट निर्धारित करें: निवेश के लिए उतनी ही राशि तय करें, जितनी आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्रभावित किए बिना लगा सकते हैं।
- ऑर्डर सोच-समझकर दें: शेयर की कीमत, उपलब्ध मात्रा और ऑर्डर के प्रकार को समझें। कम समय के सत्र में जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें।
- बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखें: सीमित कारोबारी समय के कारण कीमतों में तेजी से बदलाव हो सकता है। केवल बाजार के शुरुआती रुझान को देखकर बड़ा निवेश न करें।
- निवेश के बाद समीक्षा करें: शेयर खरीदने के बाद अपनी निवेश योजना के अनुसार कंपनी और उसके प्रदर्शन की समय-समय पर समीक्षा करें।
मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेश करते समय किन जोखिमों का ध्यान रखें?
मुहूर्त ट्रेडिंग को शुभ शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन वित्तीय जोखिम इस दिन भी बने रहते हैं। कुछ महत्वपूर्ण जोखिम इस प्रकार हैं।
- कम समय में कीमतों में उतार-चढ़ाव: कारोबार का सत्र छोटा होने के कारण कुछ शेयरों में कीमतों में तेज बदलाव देखने को मिल सकता है।
- जल्दबाजी में निवेश: त्योहार का उत्साह, दूसरों को देखकर निवेश करना या बाजार में तेजी छूट जाने का डर गलत फैसलों का कारण बन सकता है।
- हर शेयर का अच्छा प्रदर्शन न करना: बाजार में तेजी होने पर भी सभी कंपनियों के शेयर नहीं बढ़ते। कमजोर वित्तीय स्थिति वाली कंपनी का शेयर गिर भी सकता है।
- गलत समय पर खरीदारी: किसी शेयर की कीमत पहले ही काफी बढ़ चुकी हो, तो उसे केवल परंपरा के कारण खरीदना उचित नहीं है।
- छोटी अवधि के रुझान को लंबी अवधि का संकेत मानना: मुहूर्त ट्रेडिंग में कुछ मिनटों या एक घंटे की तेजी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आने वाले महीनों में बाजार लगातार बढ़ेगा।
इसलिए निवेश का फैसला शुभ समय के साथ-साथ कंपनी की गुणवत्ता, उचित कीमत, जोखिम सहने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
क्या नए निवेशकों को मुहूर्त ट्रेडिंग में हिस्सा लेना चाहिए?
नए निवेशक चाहें तो मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन शेयर बाजार में अपनी निवेश यात्रा शुरू कर सकते हैं। लेकिन केवल शुभ अवसर होने के कारण निवेश करना जरूरी नहीं है। अगर कोई नया निवेशक इस दिन बाजार में प्रवेश करना चाहता है, तो उसे पहले शेयर बाजार के बुनियादी नियमों, डीमैट खाते, शेयर की कीमत, ऑर्डर के प्रकार और निवेश से जुड़े जोखिमों को समझना चाहिए।
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शुरुआत में कम राशि से निवेश करना और कारोबार को समझने पर ध्यान देना बेहतर हो सकता है। किसी परिचित, सोशल मीडिया पोस्ट या अपुष्ट टिप के आधार पर शेयर खरीदने से बचना चाहिए। जो लोग अभी निवेश के लिए तैयार नहीं हैं, वे इस अवसर का इस्तेमाल कंपनियों पर शोध करने, वित्तीय लक्ष्य तय करने और निवेश की योजना बनाने के लिए भी कर सकते हैं। निवेश की शुरुआत करने के लिए मुहूर्त ट्रेडिंग का इंतजार करना आवश्यक नहीं है।
निष्कर्ष
मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय शेयर बाजार की एक खास परंपरा है, जिसमें दिवाली के अवसर पर निवेश और कारोबार को शुभ शुरुआत से जोड़ा जाता है। यह परंपरा भारतीय संस्कृति, कारोबारी मान्यताओं और आधुनिक वित्तीय बाजार के बीच संबंध को दर्शाती है।
निवेशकों के लिए इसका महत्व केवल एक विशेष दिन शेयर खरीदने तक सीमित नहीं है। यह उन्हें अपने वित्तीय लक्ष्यों पर विचार करने, निवेश की योजना बनाने और लंबे समय के लिए संपत्ति बनाने की दिशा में कदम उठाने का अवसर भी दे सकती है।
हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि शुभ मुहूर्त निवेश की सफलता की गारंटी नहीं है। किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, शेयर की कीमत, बाजार की परिस्थितियों और अपने जोखिम सहने की क्षमता का आकलन करना चाहिए।
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